Manoj Manu
Tuesday, March 8, 2011
तुझे अपना कहा मैंने तुझे अपना कहूँगा भी !
मिलन में खुश हुआ था तब, जुदाई को सहूंगा भी !
कोई दुल्हन के कानो में जरा चुपके से ये कहदे ,
मैं उसका था मैं उसका हूँ मैं उसका ही रहूँगा भी !!
जो तुम मेरे नहीं थे तो भी अब तक जी लिया मैंने !
जहर तुमसे बिछड़ने का भी हंसकर पी लिया मैंने !
नहीं मुमकिन कोई तुमको मेरे दिल से अलग कर दे,
तेरी तस्वीर को रखकर कलेजा सी लिया मैंने !!
Wednesday, March 2, 2011
क्यूँ शिकवा,शिकायत,गिला किया मैंने !
ज़रा सी बात थी, तुझको रुला दिया मैंने !
मैं तेरी राह में पलकें बिछाए बैठा हूँ ,
तू समझता है कि तुझको भुला दिया मैंने !!
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